The best Motivational Hindi story
हम बहुत आम जगहों से आए थे बहुत आम जगहों पर रहे बहुत आम जगहों पर पढ़े और बेहद आम जगहों पर खाया जब अमीर लोग बड़े नोट निकाला करते थे हमारी जेब में कुछ सिक्के खनकते थे हम सब एक जैसे नहीं थे फिर भी हम शामिल थे रेस में एक ऐसे घोड़े की तरह जिसकी टाँगों पर पूरे खानदान की उम्मीदों का बोझ टिका था और वह बोझ इतना था कि थोड़ा और बढ़ते ही हम चटक सकते थे टूट सकते थे, बिखर सकते थे। हमारे पास खोने को नींदें थीं और बेचने को सपने इसके अलावा कुछ और नहीं जिसे दाव पर लगा सकते। हमने पढ़ीं रात भर किताबें और लड़े सपनों के लिए कितना कुछ और था जो हम कर सकते थे पर मारे गए दूसरों की उम्मीदों पर ख़रा उतरते हुए। M.Bele🙏